Millions of millions years have passed and human civilization comes into existence. Existence of God is eternal truth
सतत जीवन चाहिए तो सरल बनो
यदि व्यक्ति को अपना जीवन सतत यानी कि निरंतर प्रगतिशील और उन्नति मान बनाना है तो उसे सरल बने रहना पड़ेगा जैसे गांव का साधारण किसान जिस मस्ती और जिस भावना से अपना जीवन बिता पर है उसके मन में कोई विस्तरण आया लालसा नहीं होती जिसके कारण वह अपने जीवन को निश्चल और शांत भाव से बिताता है जबकि भौतिक वस्तुओं से गिरा इंसान अपने आप को इच्छाओं के जाल में इस प्रकार समेट लेता है कि उसकी जीवन सरल ना रहकर विकट और दुष्कर् जाता है अपने आप को सरल बनाए रखने के लिए ठीक हूं सरल भाव का होना भी जरूरी है यदि उसकी भावना सरल और सुगम है तो उसकी सोच और उसकी मानसिक अवस्था भी संतोष वाली रहेगी और उसको किसी चीज का नुकसान या फायदा नहीं होगा क्योंकि वह उन परिस्थितियों में भी अपने आप को सरल बनए रखता है जिस प्रकार की शान फसल बोने के बाद अपनी उम्मीद है भगवान के ऊपर छोड़ देता है जिसके कारण हो सरल रहता है और उसको देव इच्छा के द्वारा वही प्राप्त होते हैं जो उसके निष्काम फल का प्रतीक होता हैयदि आप इस लेख से सहमत हैं या असहमत हैं तो कृपया अपने कमेंट जरूर करें ताकि आने वाले लेखों में उसका ध्यान रखा जा सके
I am Raj Kumar Gupta from Delhi India, I always like to share my personal views of life and experiences . I like to meet with new people and visit historical places, religious places.. please send me your comments and suggestions to improve my blogs. Follow my blogs and inspire me.
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