DIFFERENT CHARACTERS OF WOMAN

गृहणी का अति सुन्दर चित्रण
एक महिला से जब किसी ने पूछा की
     "आप कार्यरत नारी हो"
                       या
              "गृहणी?"
       तब उसने जो जवाब दिया
  सचमुच दिल को छु लेने वाला था।
मै पूर्ण समय कार्यरत गृहणी हूँ
        सुबह मै "सभी को जगाने वाली" हूँ
             मै घर की "रसोइया"
                   "सेवक"
                "नौकर" हूँ
             "अल्पकालिक धोबिन" हूं
          "सिलाई वाली"  "कामवाली बाई" हूँ
         मै बच्चों की "शिक्षक" हूँ
       घर के बड़े-बुजुर्गों की "सेवक" हूँ
         मै घर मे हर वक्त हाजिर हूँ
             घर की "रक्षक" हूँ
       मेहमानों के लिये "परिचारिका" हूँ ,
कार्यक्रम मे "सजधज" कर जाती"बहू का चेहरा" हूँ ।
अपने पति के लिये "मित्र" "प्रेमिका" और "पत्नी" हूँ अपने बच्चों के लिये तो जैसे "अलादीन का चिराग" हूँ
मेरे कोई "कार्य करने का समय" निर्धरित नही होते।
न कोई "छुट्टी" मै कोई "वेतन" "भत्ता" नही लेती, न "पद उन्नति" न  "वेतन वृद्धि"
इसके बावजूद मुझसे पूछा जाता है कि मै दिनभर क्या करती हूँ ?
सभी गृहणी को समर्पित

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