एक एक शब्द पर ध्यान चाहिए-
आपका मन एक राजमहल है, यह मन भगवान की सम्पत्ति है, आपकी नहीं है, आपको तो सार संभाल के लिए मिली है। वे भगवान इसके स्वामी हैं, आप तो मात्र इसके चौकीदार हो।
आपको चाहिए कि इसे साफ सुथरा रखते हुए, इसके वास्तविक स्वामी की प्रतीक्षा करें, कि जब वो आएंगे तो आपकी सेवा देख कर, प्रसन्न हो कर, आपको अपनी भक्ति उपहार स्वरूप देंगे।
पर आपने इसे न केवल अपना मान लिया है, बल्कि इसे अपना मान कर, इसे सराय बना डाला है। आपने इसमें संसार भर के चोर बसा कर, इसे वासनाओं की गंदगी से भर दिया है।
इसे देव मंदिर बना कर, इससे भगवान की सेवा करके, इसमें भक्ति की सुगंध भरते, तो भक्ति आपका जीवन सुख और शांति से भर देती, तब तो बात ही कुछ और होती। पर आपने इसे देह मंदिर बना डाला, इसे संसार की सेवा में लगा कर, इसमें आसक्ति की दुर्गंध भर दी। अब आसक्ति तो दुख और अशांति की माँ है, वह आपके जीवन को तकलीफ़ों से ही तो भरेगी।
और ऐसा नहीं है कि वे भगवान जानते नहीं कि उनके मन महल में क्या प्रपंच रचा जा रहा है, वे तो सब जानते हैं। वे कहीं दूर हों ऐसा भी नहीं है। वे इस मन महल में आना न चाहते हों, ऐसा भी नहीं है। वे तो यहीं हैं। बाहर बाहर घूमते हैं। बार बार झाँक कर देखते हैं कि कब यह मन उनके प्रवेश करने लायक हो और वे भीतर प्रवेश कर सकें। पर हर बार वे इस मन में संसार भर की भीड़ ही पाते हैं और हर बार उनके हाथ मायूसी ही लगती है।
देखो वे भगवान बड़े दयालु हैं, उनकी दया का सागर अभी चुक नहीं गया है। अपने आत्मिक मित्र लोकेशानन्द की बात मान लो। अभी भी समय है। मौत की चिट्ठी भले आ गई हो, अभी वह स्वयं नहीं आई है। इससे पहले कि इस मन के स्वामी भगवान का दण्डाधिकारी यम, अपने भैंसे पर चढ़ आए, और आपको मृत्युपाश में जकड़ कर घसीटता ले जाए, इस मन दरबार को खाली कर, साफ सुथरा कर लो। मेरे अयोध्यानाथ भगवान श्रीसीतारामजी कृपालु हैं, वे आपके अपराध नहीं गिनेंगे, तुरंत क्षमादान दे देंगे।
वरना याद रखना लाश के पैरों में जूतियाँ नहीं होतीं, कफन में जेब नहीं होती, मौत के दफ्तर में कभी छुट्टियां नहीं होतीं॥
Millions of millions years have passed and human civilization comes into existence. Existence of God is eternal truth
Surrender to god
I am Raj Kumar Gupta from Delhi India, I always like to share my personal views of life and experiences . I like to meet with new people and visit historical places, religious places.. please send me your comments and suggestions to improve my blogs. Follow my blogs and inspire me.
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment